Building a Bridge of Opportunities for Well-Being

 स्थानीय तहसील ब्लाक और जिले के प्रसिद्ध प्राप्त गाँव मेजवा मे कुंवर नदी पर बनेगा पुल ।

Kaifi Azmi had a dream for his birthplace Mijwan that he worked relentlessly for. Now, his daughter Shabana Azmi has taken over the baton and is leading the race for Mijwan on the path towards development at high speed. She wants to ensure that Mijwan takes full advantage of all the schemes that the government is making available for small villages in the state. She is knocking on all doors, be it top officials, MLAs, or even the Chief Minister of Uttar Pradesh, and meeting them to provide Mijwan with all those facilities that a village should be enjoying for better living. Proud of her father’s and her own incessant efforts for the development of Mijwan, she brings her friends, from India as well as abroad, on her visits to Mijwan to show them that instead of a small backward village, Mijwan has become a prime example of modernity, with more and more development on its way. Shabana Azmi is working day and night to ensure that Mijwan becomes a model village in the district of Azamgarh.

And she is encountering success at every step.

This year itself, through Shabana Azmi’s efforts, the I-Sparsh scheme was launched in Mijwan, being one of the only two villages in the district to be impacted by the scheme. Under this scheme, toilets and bathrooms have been built in every house, roads are being constructed, and tanks are being built to provide clean water, among other improvements.

And not only Mijwan, Shabana Azmi’s efforts have now begun benefiting adjoining villages as well.

Most recently, a proposal to construct a bridge over the Kunwar River has been passed by the administration. The people of both Mijwan and adjoining Kaneri villages have welcomed this news with joy and applause. Earlier, villagers had to travel 6 kms along the Kunwar River to reach Mijwan. The most adversely affected by this distance were students from Kaneri and nearby villages who were unable to attend the school in Mijwan, which had been opened by Kaifi Azmi to ensure education for each child in district Azamgarh. With the new bridge in place, they will be able to attend school in Mijwan, which will now be just a short distance away. Life will also become easier for the people in the surrounding villages, Jagdishpur, Gobarha, Aspatpur, Khojapur, Bhormau, Gandi, and Jaffarpur. One major advantage will be the straight journey to Sikror market, where the villages regularly go for their basic and other purchases.

The Pradhan of Kaneri, Dharam Yadav, Jagdishpur Pradhan Sigaari, Mansha Yadav, Dinesh Pande, Ram Nivaare Yadav, Banaarsi, Bhuylot Yadav, along with several others have applauded the success of this attempt by Shabana Azmi. They are now looking forward to Shabana Azmi’s next visit to Mijwan, when they plan to give her a grand welcome!

Pradhan Dharam has aptly said that along with Mijwan, Shabana Azmi has taken village Kaneri also under her wing, and they will never be able to repay her.

Shabana Azmi wants no repayment. Mijwan, and surrounding villages, becoming model villages will be the best gift bestowed upon her.

स्थानीय तहसील ब्लाक और जिले के प्रसिद्ध प्राप्त गाँव मेजवा मे कुंवर नदी पर बनेगा पुल

फुलपुर आजमगढ़ 17दिसम्बर | फुलपुर ब्लाक के इस पिछ्डे छोटे से गाँव की तरक्की और खुश हाली के लिए प्रख्यात शायर स्वर्गीय कैफी आजमी ने जो बीड़ा उठाया था ।उनके अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए उनकी पुत्री फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी दिन रात एक कर नित प्रतिदिन गाँव को एक अच्छे मुकाम पर पहुँचा कर एक आदर्श गाँव का दर्जा दिलाना चाहती है ।इसमे सफलता भी मिल रही है ।तमाम सुविधाएँ हो जाने के बाद शासन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ इस छोटे से गाँव मेजवा को दिलवाना चाहती है ।

सरकार के बड़े अधिकारी हो या राजनेता या मुख्यमंत्री हो सब से मिलकर इस गाँव की हर तरफ़ से मदत कर हर वो सुविधाओं से परिपूर्ण करना चाहती है ।चुकी ख्याति प्राप्त इस गाँव और कैफी साहब की जन्म स्थली देखने देश विदेश से उनके चाहने वाले आते है ।ऊन विदेशियो को भी इस गाँव की आधुनिकता दिखाना चाहती है शबाना आजमी ।इसी वर्ष शबाना जी की कोशिश से इस गाँव का चयन आई स्पर्श गाँव के रुप मे किया गया ।आई स्पर्श का चयन मात्र जिले के दो गाँव का हुवा ।जिसमे मेजवा को स्थान मिला खुले मे शौच से मुक्त के लिये हर घर मे शौचालय का निर्माण कराया गया स्नान घर बना ।शीशी रोड का निर्माण हो रहा है ।बड़े नलकूप लगे ।शुध्द पानी के लिए टैक बनाये जायेगे ।पुल का प्रस्ताव हुवा था जिसकी स्वीकृत शासन से मिल गयी ।पुल पास होने की ख़बर से गाँव बासी काफी खुश है ।साथ ही सटे गाँव कनेरी के लोग काफी खुश है ।

12पुरवा का गाँव कनेरी यहाँ के निवासियों की जोत वाली भूमि मेजवा मे भी है ।विच मे कुंवर नदी होने की वजह से 6किलो मीटर घूम कर मेजवा जाना पड़ता था ।क्नेरी और अगल बगल के दर्जनों गाँव की छात्राएँ मेजवा मे खुले विद्यालयों का लाभ नही ले पाती थी ।अब क्नेरी के भूमि स्वामियों की जमीनो की मालीयत बढ़ जायेगी ।पुल बन जाने से सिकरौर बाजार तक सीधा आवागमन हो जायेगा ।इस पुल के बन जाने से जगदीश पुर ,गोबरहा ,असपत पुर ,खोजा पुर ,भोर मऊ ,गन्दी ,जाफ़र पुर शहीत अगल बगल के दर्जनों ग्राम वासियों को लाभ होगा ।क्नेरी प्रधान द्याराम यादव ,जगदीश पुर प्रधान सिगारि ,मंशा यादव ,दिनेश पांडे ,राम नेवारे यादव ,बनारसी ,भूयलोत यादव शहीत सैकड़ो लोगो ने शबाना आजमी के इस प्रयास की भूरी भूरी  प्रशंसा की गाँव आगमन पर कनेरी सहित अगल बगल गाँव बासी भव्य स्वागत और सम्मान करेगे ।प्रधान द्याराम ने कहाँ बहन शबाना ने ग्राम कनेरी वालो को अपना ऋणी बना दिया ।जो ऋण कभी उतर नही सकता